सम्राट इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शन-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रिंसिपल अरशद सम्राट ने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की
मुजफ्फरनगर। भारतीय हस्तशिल्प की समृद्ध विरासत से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराने और पारंपरिक शिल्प के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से सोमवार को मिमलाना रोड पर स्थित सम्राट इंटर कॉलेज में तीन दिवसीय शिल्प प्रदर्शन-सह-जागरूकता कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के कपड़ा मंत्रालय के विकास आयुक्त (हस्तशिल्प) कार्यालय के अंतर्गत हस्तशिल्प सेवा केंद्र, सहारनपुर द्वारा किया जा रहा है।
कार्यक्रम 17 से 19 अगस्त 2026 तक चलेगा। इसके तहत विद्यार्थियों को भारतीय हस्तशिल्प की विभिन्न विधाओं, उनकी परंपरा और स्थानीय कारीगरी की विशेषताओं के बारे में जानकारी दी जाएगी। साथ ही मास्टर कारीगरों द्वारा विद्यार्थियों के लिए ‘हैंड्स-ऑन लर्निंग’ और ‘डू-इट-योरसेल्फ’ गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, ताकि छात्र केवल हस्तशिल्प के बारे में जानकारी ही न लें, बल्कि स्वयं उसे सीखने और बनाने का अनुभव भी हासिल कर सकें।
प्रिंसिपल अरशद सम्राट ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने के साथ-साथ देश की पारंपरिक कला एवं शिल्प विरासत के प्रति रुचि पैदा करना है। कार्यशाला के दौरान छात्र-छात्राओं को कारीगरों की कार्यशैली को करीब से देखने और उनसे सीधे संवाद करने का अवसर मिलेगा।

भारत सरकार के राष्ट्रीय हस्तशिल्प विकास कार्यक्रम (NHDP) के अंतर्गत मार्केटिंग सपोर्ट स्कीम (MSS) के तहत आयोजित इस तीन दिवसीय कार्यक्रम को लेकर कॉलेज परिसर में विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय हस्तशिल्प की विविधता और उसके सांस्कृतिक महत्व से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है।
हस्तशिल्प सेवा केंद्र, सहारनपुर की ओर से कॉलेज प्रबंधन से कार्यक्रम के लिए आवश्यक स्थान एवं बुनियादी व्यवस्थाओं में सहयोग का अनुरोध किया गया था। कॉलेज में आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के साथ-साथ भारतीय कला एवं संस्कृति को व्यावहारिक रूप से समझने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है।
इस दौरान असिस्टेंट डायरेक्टर अशोक कुमार गुप्ता, हेंडीक्राफ्ट प्रमोशन ऑफिसर शैलेन्द्र सिंह, लोवर डिवीजन क्लर्क 1 मौ अकरम, डॉ आलम आदि उपस्थित रहे।

