मकतब नूरुल कुरआन, मदीना मस्जिद में बच्चों के सम्मान समारोह का शानदार आयोजन
छमाही परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं का हुआ सम्मान, अतिथियों एवं गणमान्य लोगों ने पुरस्कार देकर बढ़ाया बच्चों का हौसला
31 अगस्त, जानसठ (साजिद मलिक अज़ीज़)
मकतब नूरुल कुरआन, मदीना मस्जिद करीमुल्लाह पट्टी, जानसठ में क़ारी मोहम्मद आबिद क़ासमी के संरक्षण एवं देखरेख में छमाही परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी बच्चों के सम्मान में एक भव्य, गरिमापूर्ण एवं प्रेरणादायक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बच्चों, अभिभावकों, शिक्षकों, बस्ती के जिम्मेदार लोगों तथा क्षेत्र के गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस अवसर पर परीक्षा में शानदार अंक प्राप्त कर विभिन्न स्थान हासिल करने वाले बच्चों को पुरस्कार एवं सम्मान-पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
कार्यक्रम का वातावरण शुरू से ही अत्यंत खुशनुमा, प्रेरणादायक और उत्साहपूर्ण रहा। जब सफल बच्चों के नाम पुकारे गए और उन्हें पुरस्कार प्रदान किए गए तो उनके चेहरों पर खुशी, प्रसन्नता और सफलता का उत्साह साफ दिखाई दे रहा था। बच्चों के अभिभावकों तथा उपस्थित लोगों ने भी उनकी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि बच्चों का उत्साहवर्धन उनकी शैक्षिक यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब किसी बच्चे की मेहनत और प्रतिभा को सम्मान मिलता है तो उसके अंदर आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन करने की भावना पैदा होती है। उन्होंने कहा कि शैक्षणिक एवं धार्मिक संस्थानों में इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि बच्चों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना पैदा हो और वे शिक्षा के साथ-साथ अनुशासन, समय की पाबंदी, अच्छे संस्कार, नैतिक मूल्यों और चरित्र निर्माण के महत्व को भी समझ सकें।
हाजी आशु मलिक मुख्य अतिथि, मुफ्ती क़मर साहब ने की अध्यक्षता
कार्यक्रम में जानसठ के वरिष्ठ समाजसेवी हाजी आशु मलिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि मुफ्ती क़मर साहब, इमाम व ख़तीब जामा मस्जिद जानसठ ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। दोनों सम्मानित व्यक्तित्वों की उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा और महत्व में और वृद्धि हुई।
मुख्य अतिथि हाजी आशु मलिक ने बच्चों की शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चे किसी भी समाज और राष्ट्र का भविष्य होते हैं। यदि बच्चों की शिक्षा और संस्कारों पर विशेष ध्यान दिया जाए तो आने वाली पीढ़ी एक बेहतर और आदर्श समाज का निर्माण कर सकती है। उन्होंने सभी सफल बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि सफलता का रास्ता मेहनत, लगन, अनुशासन और निरंतर प्रयास से होकर गुजरता है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे शिक्षा के साथ-साथ अपने आचरण और चरित्र को भी बेहतर बनाएं तथा अपने माता-पिता, शिक्षकों और बुजुर्गों का सम्मान करें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मुफ्ती क़मर साहब ने भी सफल बच्चों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए दुआ की। उन्होंने कहा कि धार्मिक शिक्षा व्यक्ति के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। मकतब में बच्चों को कुरआन-ए-करीम तथा धार्मिक शिक्षा से जोड़ना एक महत्वपूर्ण और सराहनीय कार्य है। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे ज्ञान प्राप्त करने के क्षेत्र में हमेशा गंभीरता, मेहनत और निरंतरता के साथ आगे बढ़ें तथा अपने शिक्षकों के निर्देशों का पालन करें।
क़ारी मोहम्मद आबिद क़ासमी की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण सेवाओं की सराहना
कार्यक्रम के दौरान बस्ती के जिम्मेदार लोगों और गणमान्य व्यक्तियों ने मकतब नूरुल कुरआन के शिक्षक एवं जिम्मेदार क़ारी मोहम्मद आबिद क़ासमी की शैक्षिक, प्रशिक्षण एवं प्रशासनिक सेवाओं की भी विशेष रूप से सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि बच्चों की सफलता के पीछे उनके शिक्षकों की मेहनत, समर्पण, ध्यान और निरंतर मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उपस्थित लोगों ने कहा कि क़ारी मोहम्मद आबिद क़ासमी बच्चों की शिक्षा के साथ-साथ उनके संस्कार और चरित्र निर्माण पर भी विशेष ध्यान देते हैं। उनकी मेहनत, स्नेह और निरंतर निगरानी के परिणामस्वरूप बच्चों में शिक्षा के प्रति रुचि पैदा हुई है और छमाही परीक्षा में बच्चों ने सराहनीय प्रदर्शन किया है।
इस अवसर पर कहा गया कि मकतब नूरुल कुरआन जैसे धार्मिक एवं शैक्षिक संस्थान समाज में बच्चों की धार्मिक एवं नैतिक शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। ऐसे संस्थानों का सहयोग और उत्साहवर्धन करना समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है।
पुरस्कार पाकर बच्चों में दिखा उत्साह
सम्मान समारोह में जब छमाही परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विभिन्न स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को एक-एक करके पुरस्कार प्रदान किए गए तो कार्यक्रम का माहौल और भी खुशनुमा हो गया। बच्चों ने अपने शिक्षकों और अभिभावकों के साथ अपनी सफलता की खुशी साझा की। कई बच्चों ने भविष्य की परीक्षाओं में इससे भी बेहतर प्रदर्शन करने का संकल्प व्यक्त किया।
उपस्थित लोगों का कहना था कि इस तरह के सम्मान समारोह बच्चों के अंदर आत्मविश्वास पैदा करने के साथ-साथ अन्य विद्यार्थियों को भी मेहनत करने की प्रेरणा देते हैं। सफल बच्चों को मिलने वाला सम्मान उनके लिए खुशी का कारण बनने के साथ ही दूसरे बच्चों के लिए भी एक सकारात्मक उदाहरण प्रस्तुत करता है।
साजिद मलिक अज़ीज़ ने की शानदार संचालन
कार्यक्रम का संचालन जानसठ के प्रसिद्ध शायर साजिद मलिक अज़ीज़ ने अपने अनूठे, आकर्षक और प्रभावशाली अंदाज में बेहद कुशलता के साथ किया। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न चरणों को सुंदर ढंग से आगे बढ़ाया और अपनी संचालन शैली से कार्यक्रम की गरिमा एवं रोचकता को बनाए रखा। उपस्थित लोगों ने उनके संचालन की सराहना की।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे मौजूद
सम्मान समारोह में बस्ती के अनेक जिम्मेदार लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद आशु मलिक भलीड़ी वाले, डॉ. मोहम्मद एहसान, मोहम्मद शहनवाज़, मोहम्मद बाबू, मोहम्मद शौकीन, मोहम्मद एहसान, मोहम्मद रियासत, मोहम्मद इरशाद, मोहम्मद मुस्तफा, मोहम्मद गुलबहार, डॉ. हारून सहित अन्य सम्मानित लोग शामिल रहे।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मकतब नूरुल कुरआन की शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संबंधी गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए भी निरंतर प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि मकतब भविष्य में भी बच्चों की शिक्षा एवं प्रशिक्षण के लिए इसी उत्साह और मेहनत के साथ अपनी सेवाएं जारी रखेगा।
बच्चों के लिए यादगार साबित हुआ सम्मान समारोह
कुल मिलाकर मकतब नूरुल कुरआन, मदीना मस्जिद में आयोजित यह सम्मान समारोह बच्चों के लिए खुशी, प्रसन्नता और उत्साहवर्धन का एक यादगार अवसर साबित हुआ। कार्यक्रम ने बच्चों के अंदर और अधिक मेहनत करने, अपनी शैक्षिक क्षमता को बेहतर बनाने तथा जीवन में सफलता की ऊंची मंजिलें हासिल करने का नया उत्साह पैदा किया।
इस अवसर पर इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चों की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं होती, बल्कि यह उनके परिवार, शिक्षकों और पूरे समाज के लिए गर्व का विषय होती है। यदि अभिभावक और शिक्षक मिलकर बच्चों की शिक्षा एवं संस्कारों पर ध्यान दें तो समाज को प्रतिभाशाली, संस्कारी और जिम्मेदार नागरिक उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
सभी अतिथियों का जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में मकतब नूरुल कुरआन के जिम्मेदार एवं मदीना मस्जिद, करीमुल्लाह पट्टी के इमाम क़ारी मोहम्मद आबिद क़ासमी ने सभी अतिथियों, बस्ती के जिम्मेदार लोगों, अभिभावकों तथा कार्यक्रम में शामिल सभी सम्मानित व्यक्तियों का दिल की गहराइयों से आभार व्यक्त किया। उन्होंने सफल बच्चों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत का परिणाम है और उन्हें भविष्य में भी इसी उत्साह एवं लगन के साथ शिक्षा प्राप्त करते रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि मकतब नूरुल कुरआन में बच्चों की धार्मिक, नैतिक एवं शैक्षिक शिक्षा का सिलसिला और बेहतर ढंग से जारी रखा जाएगा तथा बच्चों की प्रतिभाओं को निखारने के लिए समय-समय पर ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।
अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मकतब नूरुल कुरआन की उन्नति, सफलता और मजबूती के लिए दुआ की। दुआ की गई कि अल्लाह तआला इस धार्मिक एवं शैक्षिक संस्थान को दिन दूनी और रात चौगुनी तरक्की प्रदान करे, इसे ज्ञान एवं आचरण का उत्कृष्ट केंद्र बनाए, इससे जुड़े सभी लोगों की सेवाओं को स्वीकार करे और मकतब में शिक्षा प्राप्त करने वाले सभी बच्चों को लाभकारी ज्ञान, अच्छे संस्कार, उत्तम चरित्र, माता-पिता एवं शिक्षकों के सम्मान तथा समाज और देश की सेवा करने की तौफीक प्रदान करे। आमीन।

